ये Astro… और कुंडली विश्लेषण क्या है? श्रीकांत सौरभ

धर्म/अध्यात्म स्थानीय समाचार
भविष्य की जानकारी को लेकर, भारत में हजारों साल से एक निश्चित गणितीय परंपरा का पालन करते हुए ज्योतिष विषय लगातार विकसित होता रहा है। भले ही भविष्य जानने की सैकड़ों पद्धतियां हों। लेकिन परंपरागत हिन्दू ज्योतिष, जिसमें कुण्डली देखने और उससे भविष्य कथन का रिवाज है। उसमें बहुत अधिक बदलाव नहीं आता है।
कुछ दशक पहले तक कुण्डली बनाने के लिए गणनाओं के लिए हाथ से बने पंचांग का प्रयोग होता था। हाथ से ही कुण्डलियां बनाई जाती थीं। किसी की पूरी कुण्डली बनाने में एक सिद्धहस्त ज्योतिषी को भी दो से तीन दिन का समय लगता था। इसके बाद फलित भाग शुरू होता था। फलित भाग के लिए भी आपको ज्योतिषी के यहां जाना होता था। चूंकि यह कठिन प्रक्रिया थी। ऐसे में हर किसी के लिए ना तो ज्योतिषी, और ना ही कुण्डली दिखाने की सुविधा उपलब्ध थी।
कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के विकास के साथ ज्योतिष का गणित भाग भी उन्नत हुआ। स्विस एम्फीमरीज का आधार पर खगोलीय पिण्डों की गति को सॉफ्टवेयर में कैद कर दिया गया। मिनटों और सेकण्डों में कुंडली बनने लगी। अब देश या दुनिया के किसी भी कोने में बैठे आदमी के लिए किसी भी ज्योतिषी को कुण्डली दिखाना बहुत सहज हो गया है। इसके लिए आपको निम्न चरणों का पालन करना होता है।
ज्योतिषी को कॉल कर अपना बर्थ डिटेल बताएं। ज्योतिषी अपने सिस्टम पर कुण्डली बनाएगा। आपको आपकी कुण्डली की प्राथमिक जानकारी देगा। ज्योतिषी आपको ईमेल अथवा व्हाट्सअप पर रिपोर्ट भेजतेे हैंं। आप उपचार करने के बाद पुन: फोन अथवा मेल के जरिए फीडबैक देते हैं। ज्योतिषी उपलब्ध परिणामों के आधार पर फॉलोअप करता है
आपके द्वारा कॉल किए जाने और कुण्डली का विश्लेषण प्राप्त होने के प्रोसेस में लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है। चाहें आप देश अथवा दुनिया के किसी भी कोने में हों। आपको अपने स्थान पर स्थिर साधक ज्योतिषी की सेवाएं उपलब्ध हो जाती हैं। आप चाहें ज्योतिषी के सामने मौजूद हों अथवा दूरभाष पर बात कर रहे हों। कुण्डली के विश्लेषण से उपजने वाले परिणामों में कोई अंतर नहीं आता है। ऐसे में सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर ज्योतिषी के पास जाने के बजाय आप अपने स्थान पर रहकर भी ज्योतिषी की सेवाएं ले सकते हैं। यह संचार क्रांति का सार्थक सदुपयोग है।
जातकों द्वारा पूछे जाने वाले सवाल
बर्थ डिटेल में क्या जानकारी देनी होगी?
जातक की जन्मतिथि, जन्म समय, जन्म स्थान।
क्या जन्म विवरण सटीक होना जरूरी है?
हां, सटीक कुण्डली के निर्माण के लिए जातक का जन्म विवरण सटीक होना जरूरी है। सूक्ष्म गणनाओं के लिए तो चार मिनट का फेर भी भारी पड़ता है। फिर भी मोटे तौर पर जन्म समय में 10 से 15 मिनट तक की अशुद्धि को फौरी तौर पर जांचकर दुरुस्त किया जा सकता है। इससे अधिक अंतर होने पर कुण्डली बनाना संभव नहीं हो पाता।
जन्म समय नहीं हो तो ज्योतिषी क्या मदद कर सकती है?
अगर आपके पास जन्म समय नहीं है तो परंपरागत ज्योतिष संबंधी प्रश्न कुण्डली सेवा का आप लाभ ले सकते हैं। इसके लिए आप हमें कॉल कर सकते हैं। हर प्रश्न की एक नियति होती है। इसी दर्शन के आधार पर उस प्रश्न का उत्तर दिया जाता है। यह प्रश्न आपके कार्य से संबंध में हो सकता है। किसी घटना अथवा किसी बीमारी के संदर्भ में हो सकता है। किसी परिणाम के संबंध में या नए विकल्पों के संबंध में हो सकता है। प्रश्न में पूछे गए कार्य के होने अथवा न होने के बारे में स्पष्ट और सटीक जानकारी प्रश्न कुण्डली से मिल जाती है।