Thank You for Coming Review: भूमि पेडनेकर ने अपने पैकअप में नहीं छोड़ी कोई कसर, एकता-रिया कपूर की घटिया फिल्म

Entertainment

Movie Review थैंक यू फॉर कमिंग
कलाकार भूमि पेडनेकर , शहनाज गिल , डॉली सिंह , कुशा कपिला , शिबानी बेदी और अनिल कपूर आदि।
लेखक राधिका आनंद और प्रशस्ति सिंह
निर्देशक करण बुलानी
निर्माता शोभा कपूर , एकता कपूर , अनिल कपूर और रिया कपूर
रिलीज 6 अक्टूबर 2023
रेटिंग  2/5

नब्बे के दशक में कांति शाह और किशन शाह जैसे निर्माता निर्देशक एक खास किस्म की लिललिजी फिल्में बनाया करते थे। इन्हें के लिए फिल्म दर्शकों ने एक खास तरह की श्रेणी बना रखी थी। कोडनेम इनका होता था ‘खुली खिड़की’। सी ग्रेड से भी दोयम दर्जे की इन फिल्मों को समाज का वो निचला तबका देखा करता था, जिन्हें सेमी पोर्न फिल्में देखने में मजा आता। ये उन दिनों की बात है जब इंटरनेट जैसी बीमारी शहरी और ग्रामीण युवाओं को नहीं लगी थी। तब से लेकर अभ तक सिनेमा ने इतनी तरक्की कर ली कि सेक्स जैसे मुद्दे पर खुलकर बातें होने लगी है। एक ऐसा भी दौर था जब किसी अभिनेत्री के ऊपर सी ग्रेड अभिनेत्री का ठप्पा लगता था तो कोई भी बड़ा प्रोडक्शन हाउस उसे काम नहीं देता था। लेकिन अब हिंदी सिनेमा की बड़ी से बड़ी अभिनेत्रियां महिला सशक्तिकरण के नाम पर वह सब कर रही हैं जो कभी सी ग्रेड फिल्मों की हीरोइनें किया करती थीं। अनिल कपूर की बेटी रिया कपूर और जीतेंद्र की बेटी एकता कपूर ने इसी खांचे की फिल्म बनाई है, ’थैंक यू फॉर कमिंग’!

पांच साल पहले रिया कपूर ने एकता कपूर के साथ मिलकर फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ का निर्माण किया था। उस फिल्म का विषय भी महिलाओं की आधुनिक सोच और सेक्स के साथ पेश किया गया था। ‘थैंक यू फॉर कमिंग’ उससे चार गड्ढे आगे है। इस फिल्म की कहानी कनिका कपूर की भूमिका निभा रही भूमि पेडनेकर के इर्द- गिर्द घूमती है। कनिका कपूर का किरदार ऐसा है, जो पुरुष से यौन सुख पाने की कोशिश करती है, लेकिन उसको संतुष्टि नहीं मिलती है। उसका जीवन बस इसी एक धुरी पर टिका है कि कैसे वह यौन सुख का आनंद ले। जो भी पुरुष उसके जीवन में आते हैं, उसका वह यही कहते हुए स्वागत करती है कि थैंक यू फॉर कमिंग। गनीमत है कि फिल्म में कमिंग की वर्तनी वही रखी गई है जो सामान्य बोलचाल में प्रयोग होती है।

’थैंक यू फॉर कमिंग’ में अश्लील भाषा और अश्लील दृश्यों की इतनी भरमार है कि उनका यहां उल्लेख करना उचित नहीं होगा। ऐसा लगता है कि किसी पोर्न फिल्म को देख रहे हो। ऐसे दृश्यों को सेंसर बोर्ड पास कैसे कर देता है। यह देखकर बड़ी हैरानी होती है। हालांकि सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को ए सर्टिफिकेट दिया है, लेकिन यह फिल्म उससे भी निचले स्तर की है। कहानी की डिमांड के नाम पर भूमि पेडनेकर का पूरी तरह से न्यूड सीन बिल्कुल भी हजम नहीं होता है। महिलाओं की सेक्स के मामले में आधुनिक सोच पर बनी यह फिल्म कहीं ना कहीं महिलाओं की आधुनिक सोच को अपमानित करती है।

जब फिल्म का विषय इतना अश्लील हो तो ऐसे फिल्मों में अच्छे डायलॉग की उम्मीद करना बेमानी है। ‘सावित्री बनो तो बोर, सविता भाभी बनो तो वेश्या’ या फिर ‘वीर जारा टाइप प्यार, सनी लियोन टाइप बेचार’ जैसे चालू संवाद फिल्म को और निचले स्तर तक ले जाते हैं। एकता कपूर और रिया कपूर ने इस फिल्म के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की है कि एक लड़की को शादी करने की कोई जरूरत नहीं है। यहां तक यौन सुख पाने के लिए किसी पुरुष की भी जरूरत नहीं है। जीवन में वही काम करना चाहिए जो खुद को अच्छा लगे। हद तो तब हो जाती है जब कॉलेज के एक कार्यक्रम में भूमि पेडनेकर अपनी सोच और सेक्स को लेकर खुलकर मंच पर बात करती हैं।

फिल्म ’थैंक यू फॉर कमिंग’ भूमि पेडनेकर के ही किरदार के ही इर्द -गिर्द घूमती है। अगर उनकी भूमिका के मुताबिक उनके किरदार की बात करें तो उनके अंदर सेक्स अपील बिल्कुल भी नजर नहीं है बल्कि भूमि की हरकतें देखकर घिन ज्यादा आती है। रही बात शहनाज गिल और कुशा कपिला की, तो समझ में नहीं आया कि इन्होंने फिल्म की ही क्यों? दोनों के लायक इस फिल्म में कुछ हैं ही नहीं। डॉली सिंह जरूर अपने काम से प्रभावित करती हैं। अनिल कपूर ने इस लिए फिल्म में काम कर लिया होगा क्योंकि यह उनके घर की फिल्म है। सुशांत दिग्विकर और करण कुंद्रा की कैमियो भूमिकाएं भी बेअसर रहीं।