सनातन धर्म सनातनियों के लिए सर्वोपरि है – पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज

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पूज्य श्री Devkinandan Thakur Ji महाराज के पावन सानिध्य में 08 से 14 मार्च 2024, स्थान – स्थान – ग्राम : खुटवनिया चौबे, थाना – कुचायकोट, जिला – गोपालगंज, बिहार में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की शुरुआत विश्व शांति के लिए प्रार्थना के साथ की गई। जिसके बाद पूज्य श्री देवकीनन्दन ठाकुर जी महाराज ने कथा पंडाल में बैठे सभी भक्तों को भजन “प्रभु का नाम लेकर के जो अपना काम करता हैं” श्रवण कराया।


आज कथा में मुख्य अतिथि के रूप में आचार्य जी महाराज, भोजपुरी गायक श्री Samar Singh जी और अभिनेत्री Pakkhi Hegde जी सम्मलित हुए जिन्होंने व्यासपीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया।
हिन्दुओं का सब से बड़ा दुर्भाय है कि हिन्दू ही अपने धर्म को नहीं मानते हैं और जो अपने धर्म को नहीं समझ पाता वह कभी भी एक सच्चा हिन्दू नहीं बन पाता है। ऐसा व्यक्ति कभी भी अपने धर्म को अपने जीवन में नहीं उतार सकता है। सच्चा हिन्दू वही होता है जो हिन्दू धर्म का पालन करता है सिर पर शिखा, माथे पर तिलक और हाथ में कलावा बांधता है।
मृत्यु के बाद केवल मनुष्य का धर्म जाता है।
आज की पीढ़ी यह नहीं जानती की उनका क्या धर्म होता है। मनुष्य तो यह चाहता है कि वह भगवान से ना मिले बल्कि भगवान उससे मिलने आए। यह सब कारण केवल और केवल मानव को नर्क में ले जाता है।
जो सनातन और भगवान की तरफ लेकर जाए मनुष्य को उन्ही का सत्संग सुनना चाहिए। यज्ञ में बैठे हुए लोगों को पाप और बुरे काम नहीं करने चाहिए। जो ऐसा करता है उसके किए हुए सब पुण्य वही पर नष्ट हो जाते हैं। सभी सनातनी व्यक्ति किसी ब्राह्मण का साथ नहीं देते वह ना केवल अपना नुकसान करते है बल्कि सनातन जगत का बहुत बड़ा अपमान करते हैं।
राजा कोई भी हो लेकिन उसको धर्मात्मा होना चाहिए।
आज मनुष्य धर्म का सम्मान करेंगे तो आने वाली पीढ़ी धर्म के युक्त होकर हमारा सम्मान करेगी। प्रतेक मनुष्य को एक बात अवश्य समझ लेनी चाहिए कि भगवान मनुष्य के अंतःकरण की बात जान लेते हैं।
!! राधे राधे बोलना पड़ेगा !!