पटना से मक्का के लिए रवाना हुये रोजेदार नमाजि

Cover Story National धर्म/अध्यात्म बिहार

पटना से उमराह करने के लिए 17 जायरीन मर्द और औरत बच्चे भी की धारणा है कि रमजान के महीने में मक्का और मदीना में रह कर रोजे रखना एक सुनहरा और यादगार मौका है जो इबादत के नजरिये से बहुत अहम माना जाता है। वे रमजान के महीने में मक्का और मदीना में इबादत करने का खूबसूरत मौका मानते हैं। पांचों वक्त फज्र , जुहर, अस्र, मगरिब व इशा के साथ तरावीह की नमाज अदा करना, कुरान शरीफ की तिलावत, सेहरी और इफ्तारी करने वाले इबादतगुजार खुद को खुशकिस्मत समझते हैं। क्योंकि दुनिया भर से कई मुसलमान इस पवित्र जगह पर इकठ्ठा होते हैं उमराह करने के लिए तीन मुख्य प्रक्रिया की जाती है जिसमें इहराम तवाफ और सईं (हलाक ) शामिल हैं रमजान और umrah दोनों ही गुनाहों की माफी मांगने और खुद को पाक करने के लिए बड़े मुकद्दस है