देवास के पांजरे परिवार के घर में 14 वर्षो से विराजित है दशा माता, आज होंगी विशेष पूजा 

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हेमंत मोराने, देवास। चैत्र कृष्ण दशमी पर महिलाएं घर की दशा सुधारने के लिए दशा माता का पूजन करेंगी। इस दिन व्रत रखकर पीपल के वृक्ष का पूजन तथा कथा का श्रवण किया जाता है। महिलाएं कच्चे सूत के धागे में 10 गठान लगाकर इसे गले में स्वर्ण हार के रूप में ग्रहण करती हैं। मान्यता है इससे दुख, दारिद्रय का नाश होता है तथा परिवार में सुख समृद्धि आती है। देवास में भी दशा माता में आस्था रखने वालो की कमी नहीं है नगर के स्थानीय ढांचा भवन के पास स्थित जय प्रकाश नगर में विजय पांजरे के निवास पर विगत 15 वर्षो से दशा माता के मंदिर स्थापित है,  जिसमे माता की स्थापना की गयी है। उन्होंने घर के मुख्य हॉल में माता की बड़ी और आकर्षक 4 फिट की सुन्दर मूर्ति की स्थापना की है । श्रीमती माया पांजरे ने बताया की मेरी और हमारे पुरे परिवार की दशा माता में विशेष आस्था होने के कारण विगत 2010 में घर के निर्माण के समय से माता के लिए एक विशेष मंदिर घर के मुख्य हॉल में बनाया गया। जिसमे माता विगत,14 वर्षो से विराजित है। हेमंत मोराने ने बताया की नवरात्री में माता की नो दिन विशेष पूजन, हवन किया जाता है। पूरा पांजरे परिवार तन मन धन से माता की सेवा करता है। जिसमे मोहल्ले की भीड़ उमड़ पड़ती है। आज भी दशा माता की दशमी को माता का विशेष पूजन अर्चना की जावेगी। जिसमे आज दिनभर महिलाओ की भीड़ बनी रहेगी। आज के दिन दशा माता व्रत रखकर समृद्घि की कामना के साथ दशा माता का पूजन कर पीपल के वृक्ष की परिक्रमा कर सूत बांध कर घर की दीवारो पर हल्की-कुंकू के छापे लगाए जावेगे। इसके बाद पूजन स्थल पर ही नल-दमयंती की कथा सुना ई जावेगी।
विजय पांजरे बताते है की दशा माता की आराधना भक्ति भाव से कर भजन का आयोजन रखा गया है। दशा माता की पूजा-अर्चना करने से परिवार की दशा सुधरती है। रात्रि में दशा माता को विभिन्ना प्रकार की भोग सामग्री लगाकर जन्मदिवस भी मनाया जावेगा।  इस  अवसर पर जय प्रकाश नगर एवम आस पास के क्षेत्रों की महिलाएं पूजन हेतु आवेगी।